अनुसूचित जनजाति में कौन-कौन सी जाति आती है | Anusuchit Janjati Mein Kaun Kaun Si Jaati Aati Hai

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भारतीय संविधान के द्वारा वर्ष 1989 में प्रभाव में लाए गए SCHEDULE CASTE AND SCHEDULE TRIBE (PREVENTION OF ATROCITIES) ACT का उद्देश्य हमारे समाज की उन तमाम अनुसूचित जनजातियों को सुरक्षा प्रदान करना था जिनका समाज में भेदभाव के नाम पर शोषण हो रहा था. SC ST ACT के अंतर्गत उन सभी धाराओं को शामिल किया गया है जिनकी सहायता से अनुसूचित जनजाति के लोगों पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सके और इन लोगों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जा सके. लेकिन मात्र कुछ धाराओं का इस्तेमाल कर हम अनुसूचित जाति के विरुद्ध हो रहे भेदभाव को नहीं रोक सकते हैं. इसके लिए एक सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता है जिससे बदलाव आ सके. साथ ही कानून में समय के साथ लगातार नवीनीकरण की भी जरूरत है जिसे सरकार द्वारा समय समय पर पूरा कर दिया जाता है. लेकिन अनुसूचित जनजाति के संरक्षण के बारे में बात करने से पहले यह जानना अनिवार्य है कि किन किन जातियों को इस वर्ग के अंतर्गत रखा जाता है और सरकार द्वारा इस वर्ग को कैसे लाभ पहुंचाया जाता है. ऐसे ही तमाम सवालों kw6 जवाब आपको हमारे इस लेख में मिलेंगे इसीलिए आप पढ़ना जारी रखें.

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अनुसूचित जनजाति में कौन-कौन सी जाति आती है (Anusuchit Janjati Mein Kaun Kaun Si Jaati Aati Hai)

सूचित जनजाति में कौन-कौन सी जाति आती है

क्या होती हैं अनुसूचित जनजाति

सन्न 1931 में भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान किए गए एक जनगणना सर्वेक्षण के दौरान यह पाया गया कि 1108 ऐसी जातियाँ थीं जिनका कोई धर्म नहीं था. वर्तमान समय में भी हमारे देश ऐसी कई जनजातियां हैं, जो समाज से दूर रह कर जंगल और पहाड़ों पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. इन लोगों का अपना एक अलग समाज होने के साथ ही अपने अलग रीति रिवाज और कानून भी होते है.

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आम बोलचाल की भाषा में ऐसे लोगों को आदिवासी के रूप में जाना जाता है. समाज की मुख्य धारा से दूर रहने की वजह से इन लोगों के जीवन में कई सुविधाओं का अभाव है. अनुसूचित जनजाति के लोग अधिकतर काफी पिछड़े होते हैं. शिक्षा और रोजगार जैसे शब्द आज भी इन लोगों के लिए नए प्रतीत होते हैं क्यूंकि इन लोगों को शिक्षा जैसी सुविधा भी प्राप्त नहीं होती है. लेकिन सरकार द्वारा यह कोशिश रहती है कि उन लोगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाए और बेहतर जीवन प्रदान किया जाए.

अनुसूचित जनजाति में कौन कौन हैं शामिल

अनुसूचित जनजाति की सूची हर राज्य के हिसाब से भिन्न है. हर राज्य ने अपने द्वारा निर्धारित किए गए मापदंडों के आधार पर अनुसूचित जनजातियों की सूची तैयार की है. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात से लेकर असम तक, भारत के हर राज्य में अनुसूचित जनजाति मौजूद हैं. निम्न सूची उन जातियों की है जिन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है :

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  • लोहरा
  • महालो
  • माल पहाड़िया
  • कुमरभाग पहाड़िया
  • मुंदा
  • अगरिया
  • बैगा
  • बंजारा
  • दन्दामी मरिया
  • घुरु
  • घुर्वा
  • धोबा
  • भील
  • भील गरासिया
  • दुगरी भील
  • डुंगरी गरासिया
  • मेवासी भील
  • रावल भील
  • तदवो भील
  • भगालिया
  • भिलाला
  • राजी
  • थारु
  • भोतिया
  • बुकसा
  • जनसारी
  • मुंडा
  • नगेसिया
  • नगासिया
  • ओरन
  • धंका
  • धंगड़
  • पाठ
  • परधान
  • बहेलिया

इन अनुसूचित जनजाति का विकास से वंचित रह जाने की मुख्य वजह समाज की मुख्यधारा से दूरी होना है. मुख्य धारा का भाग ना होनें के कारण यह वर्ग गरीबी, निरक्षरता, कुपोषण और अन्धविश्वास का शिकार होते हैं. अब सरकार की यह कोशिश है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों की वापसी मुख्यधारा में करायी जाए ताकि इनका विकास हो सके तथा इन्हें भेदभाव से पीड़ित ना होना पड़े. इसके साथ ही सरकार का यह प्रयास भी है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में आरक्षण दिया जाए ताकि इन्हें भी अपने भविष्य को सुनहरा बनाने के लिए समान और बेहतर अवसर मिल सके.

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