Ativrishti Anudan Yojana 2021: किसानों को 36 हजार रुपये की सहयता दे रही है सरकार, ऐसे करें आवेदन

Ativrishti Anudan Yojana 2021: किसी भी देश के लिये किसान महत्वपूर्ण अंग होता है और उस किसान के लिए उसकी खेती ज़िंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। जिस खेती को वह 2-3 महीने की मेहनत से उगाता है और उसका ध्यान रखता इसके बाद यदि अतिवृष्टि या बाढ़ से किसान की फसल बर्बाद होती है तो उसे गहरा झटका लगता है। ऐसे में वह किसान मानसिक रूप से टूट जाता है उसे अपना भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगता है।

ativrishti anudan yojana 2021

साल 2021में बक्सर जिले में खरीफ के सीजन में बढ़ व अतिवृष्टि से किसानों को अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके लिए फसल अनुदान के लिए 22 नवंबर तक आवेदन मांगे जा रहे है। आपको बता दें कि प्राकृतिक आपदा के दौरान किसानों की फसलें बर्बाद हुई थी और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा था जिसके सर्वेक्षण कृषिविभाग द्वारा किया गया तथा नुकसान का अंदाजा लगाकर अतिवृष्टि अनुदान दिया जा रहा है।

अतिवृष्टि अनुदान योजना क्या है

जैसा कि सब जानते हैं फसल किसानों के बच्चों की तरह होती है वे लंबे समय तक उनका रखरखाव करते हैं और बाद में फसलें उन्हें मुनाफा कराती है ऐसे में अगर फसलें बर्बाद हो जायें तो किसानों को गहरा नुकसान उठाना पड़ता था। ऐसे में अतिवृष्टि अनुदान योजना किसानों को उनकी फसल पर अनुदान या फिर कहें तो मुआवजा देती है। इस योजना के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है जिसकी समय सीमा 2 नवंबर तक कर दी है। ऑनलाइन आवेदन कर पश्चात DBT के माध्यम से पैसा आपके खाते में लाभ भेजा जाएगा।

जिले वासियों को कितना मिलेगा लाभ

कृषि विभाग के सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियो ने जो आंकड़े प्रस्तुत किये उसके हिसाब से 42 हेक्टेयर खरीफ फसल का नुकसान हुआ है। जिसके लिए बाढ़ प्रभावित किसान 22 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि बढ़ प्रभावित किसानों को अधिकतम 2 हेक्टयर तक का अनुदान दिया जाएगा।

आपको बता दें कि सिंचित फसल के लिए 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर, शाश्वत फसल के लिए 18 हजार प्रति हेक्टेयर परती भूमि के लिए 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिए जाने का प्रावधान तय किया है इसके अलावा असिंचित फसल के लिए 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि दी जायेगी। फसल योजना के तहत न्यूनतम 1 हजार का अनुदान देय होगा।

और भी जाने :

Leave a Comment