बिजली का आविष्कार किसने और कब किया | Bijli ka Avishkar Kisne Kiya aur Kab Kiya

Bijli ka Avishkar Kisne Kiya aur Kab Kiya | बिजली का आविष्कार किसने और कब किया | बिजली की खोज कब हुई | लाइट का आविष्कार किसने किया था | सबसे पहले बिजली किसने बनाई | बिजली का आविष्कार किस देश में हुआ था | who invented electricity bulb

ऐसी महत्वपूर्ण चीज है जो हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। इसके बिना ना तो कोई काम हो सकता है ना ही कोई आधुनिक उपकरण चल सकते हैं,ना आपका फोन चार्ज हो सकता है, ना आपका सिस्टम चल सकता है, ना लाइट ना पंखा न बिजली यानी बिना बिजली के इस्तेमाल के हमारी जीवन गति रुकती जाएगी। आजकल हम अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बिजली का बहुत अत्यधिक इस्तेमाल करते हैं।यहां तक कि अब बिजली से ट्रेन बस इत्यादि जैसे यातायात के संसाधन भी चलाए जाने लगे हैं।आप समझ सकते हैं कि बिजली हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है|

 बिजली का महत्व|

बिजली किसी भी देश के आर्थिक विकास की आधारभूत संरचना को विकसित करने के लिए बहुत जरूरी है। बिना बिजली के कारखाने नहीं चलाए जा सकते हैं।कोई भी विकास का कार्य नहीं किया जा सकता है। इसलिए आज हम आपको यहां पर बिजली की खोज के बारे में बता रहे हैं, कि बिजली का आविष्कार कब और कहां किया गया था|

 बिजली का इतिहास|

 ऐसा अंदाजा लगाया गया है कि बिजली की खोज आज से लगभग 600 वर्ष पहले हुई थी। लेकिन आज जो बिजली का रूप हमारे सामने है। इसके लगातार बदलाव के कारण संभव हो पाया है।बिजली के विभिन्न उपकरण जैसे टेलीफोन, रेडियो, मोबाइल,पंखे,टीवी जिन पर आज हम इतने अधिक निर्भर हैं। इनका निर्माण आज से 25 साल पहले किया गया था|

बिजली का विकास सबसे पहले यूनान के महान दार्शनिक एवं भौतिक विज्ञानिक Thels  के द्वारा किया गया था| थेल्स ने देखा कि चीड़ के वृक्ष में चढ़कर जमने वाला गोंद कपड़े पर रगड़ने से उसमें सूखे पत्तों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता आ जाती है। क्योंकि अंबर को यूनानी भाषा में इलेक्ट्रॉन कहा जाता है,इसीलिए थेल्स ने इसे इलेक्ट्रिसिटी के गुण का नाम दिया और यही शब्द बिजली को पुकारने के लिए किया जाने लगा अंबर में हल्की वस्तुओं को अपनी और आकर्षित करने की क्षमता होती है। यानी यह विद्युत का आकर्षण कहलाया गया घर्षण विद्युत की व्याख्या आवेश के इलेक्ट्रॉनिक सिद्धांत के आधार पर की गई है|

 इलेक्ट्रॉनिक का सिद्धांत|

 बिजली के सिद्धांत के अनुसार हर पदार्थ परमाणुओं से मिलकर बना होता है।परमाणु के केंद्रीय भाग में धन आवेशित कण प्रोटॉन तथा उदासीन का न्यूट्रॉन स्थित होते हैं।केंद्रीय भाग और नाभिक के चारों ओर आवेशित इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते रहते हैं ,क्योंकि परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या बराबर होती है। अतः धन आवेश एवं ऋण आवेश की उपस्थिति के बावजूद परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है। लेकिन जब यह एक पदार्थ किसी दूसरी पदार्थ से घर्षण खाता है तो एक पदार्थ से इलेक्ट्रॉनिकल कर दूसरे पदार्थ में शामिल हो जाते हैं। पदार्थ से इलेक्ट्रॉन निकलकर दूसरे पदार्थ में जाने के कारण इस में इलेक्ट्रॉनों की कमी हो जाती है जिसके फलस्वरूप वह धन आवेशित वस्तु के समान व्यवहार करने लगता है, तथा दूसरा पदार्थ जिसमें इलेक्ट्रॉन चले गए थे। इलेक्ट्रॉनों की अधिकता की वजह से आवेशित वस्तु की तरह व्यवहार करने लगता है|

 खेल की महान खोज|

 खेल के बिजली की खोज के 2000 वर्ष बाद विलियम गिलबर्ट ने पता लगाया कि यह विचित्र नंबर के अतिरिक्त अन्य बहुत सारी चीजों में भी है। गिलबर्ट ने दो शताब्दियों के बाद वैज्ञानिकों को भी बिजली के बारे में इससे अधिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी।लेकिन कुछ वर्षों के बाद इटालियन वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण बनाया जिसमें बिजली की हल्की सी धारा उत्पन्न करने की क्षमता थी| संयुक्त राज्य अमेरिका के वैज्ञानिक और दार्शनिक 1752 में खतरनाक परमाणु परीक्षण आकाश में बिजली की चमक बिजली का ही एक रूप है। उसने वर्षा के दिनों में एक पतंग उड़ाई और उस दौर के निचले हिस्से में एक चाबी बांध दी चाबी छूने पर उसने बिजली का झटका महसूस किया सन 1865 में फ्रांस के वैज्ञानिक जॉर्ज ने एक बैटरी बनाए जिसकी सहायता से बिजली का उत्पादन किया जा सकता था। उसने अमोनियाक्लोराइड के घोल में और कार्बन की दो चढ़े डुबोकर उन्हें आपस में तार जोड़कर बिजली का झटका महसूस किया।अंग्रेजी वैज्ञानिक माइकल फैराडे ने विचार किया कि जब बिजली चुंबक पैदा कर सकती है। तो चुंबक से बिजली भी पैदा की जा सकती है।उसने अपनी इस विचारधारा को 1831 में सत्यापित कर दिया तथा बिजली निर्माण के युग की नई शुरुआत की|

 फैराडे द्वारा बिजली की खोज|

 फैराडे की 1831 में चुंबकीय बिजली खोज के बाद इसमें जीत और परिश्रम किया और बिजली को मानव जाति के लिए उपयोगी बना दिया। उन्होंने बिजली से चलने वाले बहुत सारे यंत्रों की खोज की एडिसन ने बिजली का बिल बनाया तथा उसे बिजली पैदा करने वाला पहला बड़ा यंत्र माना गया उनके द्वारा बनाया गया बिजली का यंत्र 1 वर्ग मील क्षेत्र में बिजली पहुंचाने का काम करता था। 1820 में विलियम ने विद्युत मोटर का आविष्कार किया उन्होंने ही पहला विद्युत चुंबक भी बनाया था पहला सफल जनरेटर जर्मनी के सीमांत नाम के वैज्ञानिक ने 1867 में बनाया था|

 बिजली उत्पादन के स्रोत और विकास|

 तारो टेलीफोन पर बिजली के द्वारा मैसेज भेजने वाले वैज्ञानिक का नाम बेल है।हम आज जो बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं।जिनसे कारखाने चल रहे हैं ट्रेनें चलाई जा रही हैं,तथा इलेक्ट्रॉनिक पंपों के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यह सब बिजली की वजह से ही संभव हो पाया है विद्युत संयंत्रों में बिजली उत्पादन करने के लिए तथा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए ट्रांसफार्मर की बहुत अधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। पावर हाउस में उत्पन्न होने वाली विद्युत धारा की प्रबलता बहुत अधिक होती है। इस धारा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल किया जाता है इसके अलावा बिजली को ट्रांसफार्मरों से जोड़ने और पहुंचाने के लिए बहुत अधिक मोटे तारों की आवश्यकता होती है|

18 सो 98 में अमेरिका ने पानी की मदद से बिजली का उत्पादन शुरू किया था धीरे-धीरे पवन ऊर्जा सौर ऊर्जा परमाणु ऊर्जा ऊर्जा आदि द्वारा भी बिजली पैदा की जाने लगी है। परंपरागत तौर से विद्युत का उत्पादन ताप विद्युत संयंत्रों के माध्यम से किया जाता है इसके अलावा कोयला तापीय ऊर्जा भी बिजली उत्पादन का महत्वपूर्ण साधन है। लेकिन अब  कोयले की मित्रता के कारण अब धीरे-धीरे बिजली उत्पादन में कमी आने लगी है। गैर परंपरागत ऊर्जा के रूप में जल विद्युत ऊर्जा एक महत्वपूर्ण विद्युत उत्पादन स्रोत साबित हुआ है। जल विद्युत संयंत्रों में जल की गति से प्राप्त उर्जा को टरबाइन के द्वारा विद्युत ऊर्जा में बदल दिया जाता है। इस स्रोत से न केवल सस्ती बिजली पैदा होती है, बल्कि इसे ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत भी कहा जा सकता है|

Leave a Comment