साइकिल का आविष्कार किसने किया | Cycle ka Avishkar kisne kiya Tha hindi mein

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एक साधारण सी दिखने वाली दो पहियों का वाहन, जिसे आप वर्कआउट करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। कहीं आने जाने के लिए इस्तेमाल करते हैं जी हां हम साइकिल की बात कर रहे हैं| साइकिल यातायात का एक ऐसा साधन है,जो प्रकृति को किसी भी रूप से नुकसान भी नहीं पहुंचाता है, तथा इसका इस्तेमाल करने से आप अपने गंतव्य स्थान तक तो पहुंच जाएंगेे। साथ ही साथ आपके शरीर का वर्कआउट भी हो जाएगा। विशेषज्ञ भी कहते हैं कि साइकिल चलाने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और यह है कि आखिर इस साइकिल के निर्माता कौन हैं इसे किसने कब और क्यों बनाया था|

साइकिल का आविष्कार किसने किया (Cycle ka Avishkar kisne kiya Tha)

साइकिल का आविष्कार हुए 200 वर्ष हो चुके हैं। यानी आज से 200 साल पहले साइकिल का आविष्कार हुआ था। साइकिल के आविष्कार करने वाले व्यक्ति का नाम कार्ड वांड्रस था। जिन्होंने दुनिया की सबसे पहली साईकिल 1817 में बनाई थी|

 Karl Ward यूरोप के Baidemeir  काल के एक प्रसिद्ध आविष्कारक है| इन्होंने साइकिल के अलावा 1821 में कीबोर्ड वाला टाइपराइटर का भी आविष्कार किया था| सन 1827 में 16 अक्षरों वाली स्टेनोग्राफी मशीन का भी अविष्कार किया था| इसके अलावा सन 1812 में इन्होंने कागज पर बयानों संगीत रिकॉर्ड करने वाला एक उपकरण भी बनाया था। कार ने दुनिया का पहला मीट ग्राइंडर यानी कीमा बनाने वाली मशीन का आविष्कार किया था|

साइकिल का निर्माण

Karl मानव चलित दो पहिया वाहन का निर्माण 1815 में एक बड़ी समस्या के समाधान करने के लिए किया था| इन्होंने सन 1815 में इंडोनेशिया में स्थित माउंट तंबोरा ज्वालामुखी में होने वाले भारी विस्फोट के कारण वैश्विक तापमान में गिरावट में आने वाली समस्या के समाधान को हल करने के लिए साइकिल का निर्माण किया गया था। दरअसल तापमान में गिरावट के कारण उत्तरी गोलार्ध के देशों में फसलें प्रत्येक वर्ष पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। लोग भुखमरी के कारण मरने लगे थे तथा किसानों के जानवर और मवेशी काल के मुंह में चले गए थे। karl ने महसूस किया कि लोगों को सामान ढोने में अथवा यातायात के लिए समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद इनके दिमाग में साइकिल के आविष्कार का ख्याल आया|

साईकिल का प्रारंभिक रूप

Karl  ने जब साइकिल का आविष्कार किया था तो यह पूरी तरह से लकड़ी की बनी हुई थी। इस साईकिल का वजन मात्र 23 किलोग्राम था। इस साईकिल में ना ही कोई पेंडल था और ना ही कोई गियर थी। इसे चलाने के लिए उस पर बैठने वाले व्यक्ति को इसे अपने पैरों से आगे बढ़ाने के लिए उलटी दिशा में धक्का देना पड़ता था तथा इसमें हाथों को सहारा देने के लिए एक व्यक्ति लगी हुई थी। पहली बार कांग्रेस ने उसे 12 जून 1817 को जर्मनी के 2 शहरों में न्होल और रिनाउ के बीच चलाकर लोगों के सामने प्रदर्शित किया। इस साइकिल को उन्होंने 7 किलोमीटर चलाया और यह 7 किलोमीटर सफर तय करने में उन्हें 1 घंटे का समय लगा|

साइकिल के बारे में अन्य बातें

Karl अपनी नई साइकिल का नाम जर्मनी में L aufmachine रखा था, जिसका अर्थ होता है दौड़ने वाली मशीन लेकिन बाद में यह यूरोप के अन्य देशों में वेलोसिस फेडरेशन के नाम से जाने लगी कई लोगों ने इसे हॉबी हॉर्स जैसे नामों से भी पुकारा|

 सर 1818 में डेनिश जॉनसन नाम के एक व्यक्ति ने इसी साइकिल को खरीद कर उसमें कई बदलाव किए और इसे एक अच्छा मॉडल बना दिया। जिसे लोगों ने पेडेस्ट्रियन कॉल गर्ल के नाम से पुकारना शुरू कर दिया था। जॉनसन ने सर 1819 में लगभग 300 पेडेस्ट्रियन का निर्माण किया जॉनसन का यह मॉडल बहुत अधिक कीमती था। उस समय साईकिल का इस्तेमाल केवल ऊंचे घराने के लोग मनोरंजन के लिए करते थे, या फिर उन्होंने इसे सुबह या शाम की सैर करने के लिए खरीदा था|

 1820 तक यह दो पहिया वाहन लोगों के बीच में चर्चा का विषय बना रहा। लेकिन आगे 40 वर्षों तक इसमें कोई भी सुधार नहीं किया गया। सन् 1866 में कई लोगों ने इसे व्यवसायिक तौर पर इस्तेमाल करना शुरू करा तथा इस में धीरे-धीरे सुधार होने लगे|

साइकिल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और रोचक तथ्य

  • पहले पेडल वाली साइकिल का निर्माण सन 1963 में फ्रांस के मकैनिक पियरे के द्वारा किया गया था।उन्होंने इस साइकिल के सामने वाले पहिए में पेंडल लगाया था। लाली मेंट ने पेरिस में बच्चों और अपंग बच्चों के लिए यह साइकिल बनाना चाहते थे। वहां उन्होंने किसी को यह साइकिल चलाते हुए देखा था। जिसके बाद उन्होंने इसके आगे वाले पहियों में पेडल लगाने का निश्चय किया|
  •  पेरिस के पियरे ने ओलिवर बंधुओं के साथ मिलकर पहली बार 1867में पहली पेडल वाली साइकिल का वेबसाइट स्तर पर निर्माण शुरू किया। वह हर महीने मिलकर 200 से ज्यादा साइकिलों को बाजार में बेचते थे|
  •  साइकिल के स्पोक वाले पहिए का आविष्कार फ्रांस के मकैनिक यू जिनमें ने सन 1869 में किया। उन्होने 1880 में बड़े पहियों वाला जैसे लोकप्रिय साइकिल को बनाया टेनिस अर्थिंग का सामने का पहिया बहुत बड़ा होता है ,और पीछे का पहिया बहुत छोटा होता है|
  •  सन 1880 में इंग्लैंड के मैनचेस्टर शहर में साइकिल के रोलर चैन का आविष्कार किया था|
  •  ब्रिटिश आविष्कारक टोली ने साइकिल के डिजाइन और इसके अलग-अलग भागों में महत्वपूर्ण बदलाव किए तथा बहुत बड़े स्तर पर साईकिल के व्यवसाय को शुरू किया जिसके कारण इन्हें साइकल व्यवसाय का पिता कहा जाता है|
  •  हम आज जो साइकिल का डिजाइन देखते हैं उसको बनाने का श्रेय जेंट्स टोली के भतीजे जॉन कैंप को जाता है। जॉन कैंप ने सन18 85 में पहली बार आज की तरह दिखने वाले साइकिल का डिजाइन तैयार किया था|
  •  आज भी नीदरलैंड में छोटी दूरी को तय करने के लिए लगभग 27% यात्राएं साइकिल के द्वारा ही पूरी की जाती हैं|
  •  दुनिया की सबसे लंबी साइकिल 20 मीटर है तथा इस पर एक साथ 35 लोग बैठ सकते हैं|
  •  दुनिया की पहली इलेक्ट्रॉनिक साइकिल अमेरिका के 98 में बनाई थी इसके पिछले में एक इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया गया था जिसे 10 वोल्ट की बैटरी से चलाया जा सकता था|
  •  साइकिल में लगने वाले बॉल बेयरिंग को अमेरिकी प्यारे ने 1869  मैं बनाया था|

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