Mukhyamantri vatsalya yojana: कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को सरकार दे रही है धनराशि, ऐसे करें आवेदन

Mukhyamantri vatsalya yojana: कोरोना के खतरनाक समय में बहुत सारे बच्चों ने  अपने दोनों माता-पिता को खो दिया है., या फिर किसी ने माता या पिता में से एक किसी को खो दिया है.बहुत सारे बच्चे अनाथ भी हो गए है. ऐसे ही अनाथ बच्चों को वात्सल्य योजना के तहत लाभ देने के लिए सरकार के द्वारा यह योजना शुरू की गई है. अनाथ में 640 बच्चों को इस योजना के तहत लाभार्थी बनाया जाएगा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से इन बच्चों के अकाउंट में सरकारी सहायता को पहुंचाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को इस योजना का शुभारंभ किया.

Mukhyamantri vatsalya yojana

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Mukhyamantri vatsalya yojana 2021 की की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत यह प्रावधान किया गया है. कि बच्चों के मामा का किरदार मुख्यमंत्री निभाएंगे, जबकि विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि वे बच्चों की बुआ के रूप में कार्य करेंगे.प्रदेश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर की वजह से बहुत सारे बच्चों ने अपने माता-पिता या किसी एक को खो दिया है. मंत्रालय की तरफ से अब तक इस तरह के 2311 बच्चों को चिन्हित कर लिया गया है. और इनमें से 27 बच्चों को वात्सल्य योजना के तहत शामिल किया जाएगा अधिकारियों की ओर से बच्चों का सत्यापन भी पूरा किया जा चुका है. और जिन बच्चों को चिन्हित किया गया है. उनके भी सत्यापन का कार्य अभी चल रहा है.

 क्या है प्रक्रिया

वात्सल्य योजना के तहत 640 बच्चों के सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी कर लिया गया है. विभाग सचिव हरीश चंद्र सेमवाल ने बताया कि अब इन बच्चों के अकाउंट खोलने की पहल की जा रही है. एक बार जब इन बच्चों का अकाउंट खुल जाएगा, तो इन्हें टीबीटी के माध्यम से सहायता पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा. इसके अलावा अन्य बच्चों को भी उनके जिलों से संबंधित अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन करने का काम चलाया जा रहा है.

 क्या कहते है विभाग के सचिव

 Mukhyamantri vatsalya yojana के तहत जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. जिला अधिकारियों ने भी कोविड-19  के तहत अनाथ हुए बच्चों को सत्यापित कर लिया है. अथवा कुछ जिलों में सत्यापन का कार्य चल रहा है. आपको बता दें, कि उत्तराखंड सरकार की तरफ से इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है. इस योजना में कुछ ऐसी बीमारियों को भी शामिल कर लिया गया है. जिसमें बच्चे अपने माता-पिता को खो देते है. या फिर परिवार में से किसी एक अभिभावक को खो देते है. ऐसे सभी बच्चों को इस योजना में आर्थिक मदद देने का प्रावधान उत्तराखंड सरकार की तरफ से किया जा रहा है.।

वात्सल्य योजना उत्तराखंड सरकार की तरफ से कोविड-19 की गई है. हम आपको बता दें कि कई ऐसे व्यक्ति भी थे जिनकी कोविड-19 हटाने से पहले ही इस बीमारी से मौत हो गई थी. ऐसे में पीड़ित बच्चों को राहत देने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है. प्रधानमंत्री केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत भी जिन बच्चों ने अपने माता पिता को खोया है. उन्हें इस योजना के तहत मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है. हम आपको बता दें कि जब तक इन बच्चों की उम्र 18 वर्ष तक नहीं हो जाती है. तब तक इन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹500000 का हेल्थ इंश्योरेंस भी प्रदान किया जाएगा और जब यह बच्चे 18 से 23 साल की उम्र तक रहेंगे तो इन्हें पीएम केयर्स फंड की तरफ से प्रतिवर्ष ₹1000000 का फंड भी प्रदान किया जाएगा.

किन बच्चों को मिलेगा इसका लाभ

1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 तक जिन बच्चों ने कोविड-19 महामारी से या फिर अन्य बीमारियों से अपने माता पिता को खोया है. उन बच्चों को 21 साल तक की उम्र तक सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है. अब तक इस योजना के तहत 2347 बच्चों को पहचान किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2347 बच्चों को सत्यापन के बाद इस योजना से जोड़ा जा चुका है. अब इनके बैंक अकाउंट खोल कर इन्हें मदद पहुंचाया जाना बाकी है.

देहरादून में चयनित किए गए सबसे अधिक बच्चे

देहरादून में कोविड-19 अनाथ बच्चे को सबसे अधिक पाया गया है. इन बच्चों की संख्या 561 है. इसके अलावा टिहरी गढ़वाल में दूसरे नंबर पर 249 बच्चों को चिन्हित किया गया है. इसके अलावा उधम सिंह नगर में 242 बच्चे हरिद्वार में 230 बच्चे पौड़ी गढ़वाल में 213 बच्चे नैनीताल में उत्तरकाशी में 120 बच्चों को पहचान की गई है. इसके अलावा और भी कई ऐसे है. जहां पर अनाथ बच्चों की पहचान की गई है. डीएम के माध्यम से अभी और बच्चों की पहचान की जा रही है.।

प्रत्येक जिले में अनाथ हुए बच्चों को पहचानने की जिम्मेदारी वहां के डीएम को सौंपी गई है. और वहां के डीएम इन बच्चों का सत्यापन करने का पूरा जिम्मेदारी निभा रहे है. शुरुआत में 640 बच्चों के सत्यापन को पूरा कर लिया गया है. और भी बच्चों को चिन्हित करके उनके सत्यापन का कार्य चल रहा है.

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