Mushroom Ki Kheti कब और कैसे करें?

भारतीय युवाओं का खेती को तरफ रुझान बढ़ता जा रहा है। नई पीढ़ी फार्मिंग के नए तरीकों को तलाश कर रही है। इसी के साथ ही भारतीय बाजारों में नई चीजों की मांग तेजी से बढ़ रही है जिनमें मशरूम प्रमुख है।

भारत में मशरूम का उत्पादन पिछले 30 दशक से हो रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों के अंदर यह बहुत तेजी से चलन में आ रहा है।

बटन मशरूम या मशरूम बेहद काम लागत में उगाई जाने वाली एवं बेहतरीन मुनाफे के साथ बेची जाने वाली वेजिटेबल है। आज के इस लेख में हम मशरूम की खेती कैसे करें, मशरूम को खेती इन हिंदी में पूरी जानकारी आपको प्रदान करेंगे।

Mashroom kya hai | mushroom ki kheti kaise karen

मशरूम एक तरह का कवक या फफूंद है जोकि खुम्भी नुमा आकार का होता है। देशी बोलचाल में इसे कुकरमुत्ता कहते है। यह एक तरह के पौधे होते है जो अपना भोजन सड़े गले मृत कार्बनिक पदार्थो से प्राप्त करते है। आमतौर पर यह बरसात में ज्यादा पाए जाते है। खाने योग्य मशरूम को खुम्बी कहा जाता है। मशरूम का सेवन मानव शरीर के लिए बेहद लाभप्रद है

इसमें एन्टी ऑक्सीडेंस, प्रोटीन, विटामिन डी, सेलेनियम, और जिंक पाया जाता है। इसके सेवन से आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। मशरूम ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करता है साथ ही यह सुगर केवल को कंट्रोल रखता है जिसकी वजह है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बेहद कम होती है।

Types of mashroom | मशरूम के प्रकार | mushroom ki kheti ki jankari

मशरूम एक ऐसा पौधा होता है जो कहीं भी किसी भी जगह उग आता है। साधारणतः हमने बरसात में दीवाल के कौनो में कुकुरमुत्तों के पौधे देखें है। वैज्ञानिकों की अनुसार विश्व में मशरूम की 10 हजार से ज्यादा प्रजाति है जिनमें कुछ ही सेवन योग्य है। बटन मशरूम पैडी स्ट्रॉ, ऑयस्टर मशरूम, स्पेशली मशरूम, शिटाके मशरूम, दवाओं वाली मशरूम आदि।

भारत मे बटन मशरूम, पैडी मशरूम और ऑयस्टर मशरूम की अधिक डिमांड है इनकी पैदावार भी अच्छी है। हालांकि मशरूम की खेती हैम 12 महीने कर सकते है लेकिन अलग अलग मौसम में इनके अलग अलग प्रकारों की पैदावार अच्छी होती है। सर्दियों में मशरूम की खेती करना चाहते है तो आपको बटन मशरूम उगाना चाहिए।

मशरूम उगाने का सही समय

टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके अब हर एक सब्जी पूरे साल उगाई जा सकती है। भारत मे याय सर्दियों की सीजन में उगाया जाता है। मशरूम कम तापमान में उगाया जाता है। मशरूम उगाने के लिये हमे घास फूंस गेहुं एवं धान की भी जरूरत होती है।

ऑयस्टर मशरूम उगाने के तरीका

  • ऑयस्टर मशरूम आसानी से उगाया जा सकता है यह अन्य मशरूम की तुलना में अधिक लाभकारी होता है। इज़ मशरूम में औषधीय गुण भी अधिक होते है। पिछले कुछ समय में इस मशरूम की बहुत तेजी से मांग बढ़ी है। ऑयस्टर मशरूम की खेती स्पॉन बीज के जरिये की जाती है। जब आप खेती करें उसी दौरान बीज खरीदें। लंबे अवधि तक बीज रखे रहने से वह खराब भी हो सकता है।
  • ऑयस्टर मशरूम उत्पादन के लिये भूसा,पॉलीबैग, कार्बनडाजिम, फॉर्मेलिन और स्पॉन की जरूरत होती है। दस किलो भूसे में आपको एक किलो स्पॉन की जरूरत होती है।
  • ऑयस्टर मशरूम की खेती करने के लिए आपको दस किलो भूसे को 100 लीटर पानी मे भिगोना है। पानी में आपको 150 मिली फार्मलिन, सात ग्राम कॉर्बेंडाजिन को पानी मे घोलकर इसमे दस किलो भूसा डुबाना है और उसका शोधन करना है। आपको 12 घण्टे तक भूसा भिगोकर रखना है। यानि कि आप सुबह भूसा फैलाते है तो आपको शाम को फैलाना है। अब आप किसी जालीदार बैग में भरकर भूसे को फैलाये जिससे उसमें जमा अतिरिक्त पानी निकल जाये।
  • अब आप 1 किलो सूखे भूसे को एक बैग में भरे। एक बैग में 3 लेयर लगानी होती है। एक लेयर लगाने के बाद उसमें स्पॉन की किनारे रखकर उस पर भूसा रखा जाता है। इस तह एक बैग में आपको 3 लेयर लगानी होती है।

ऑयस्टर मशरूम की बिजाई या स्पानिंग :

  • ऑयस्टर मशरूम की खेती करने से पहले आप जांच ले कि आपके पास अच्छी गुणवत्ता का स्पॉन बीज है या नहीं। यदि आपका बीज अच्छा नहीं है तो आपकी फसल खराब हो सकती है। आपको बिजाई करने से पहले इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
  • कंपोस्ट खाद के कुल वजन के 2 से 2.5 तक बीज की मात्रा लें।अब आप बीज को कंपोस्ट में बिखेर दें तथा उसमें 3 सेंटीमीटर तक कि मोटी कंपोस्ट की परत चढ़ा दें या फिर आप पेटी में कंपोस्ट की 3 इंच मोतीप परत लगाए और उसमें आधी मात्रा में बीज बिखेर दें। इस प्रक्रिया को करने के बाद उसमें फिर 3 इंच मोटी परत बिछा दें। बाकी बचा बीज उसमें डाल दें।
  • बुवाई की प्रक्रिया सम्पूर्ण करने के बाद अब आप पेटी एवं थैलियों को वहां रख दें। इनपर पुराने अखबार या कागज बिछाकर पानी से भिगों दें। कमरें में नमी के लिए आपको दीवारों और फर्श पर पानी छिड़कना होगा। ध्यान रखें कमरे का तापमान 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड और नमी 80-85 प्रतिशत होना जरूरी है। अब अगले 15-20 दिन में मशरूम का कवक जाल पूरी तह फैल जाएगा। कमरे का दरवाजा बंद रखें इन खुम्बीओ मे ताजा हवा नहीं लगनी चाहिए।

ऑयस्टर मशरूम तोड़ने का तरीका

30-35 दिन के भीतर मशरूम पूरी तरह से तैयार हो जाता है। कंपोस्ट के 15 से 20 दिन में सफेद घुण्डीनुमा मशरूम दिखने लगता है। आप इसको चाकू से काट सकते ये यह घुमाकर तोड़ सकते है।

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