PM Swamitva Yojana: बेनामी जामीन पर मिलेगा मालिकाना हक़, सरकार ने शुरू की योजना

PM Swamitva Yojana; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सानिध्य में इस योजना को शुरू किया गया है.सरकार के द्वारा ऐसी बहुत सारी योजनाएं है.जिनके बारे में बहुत से लोगों को पता नहीं है. ऐसी ही एक योजना है PM Swamitva Yojana. प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना को गांव में रहने वाले लोगों के लिए 20 अप्रैल 2020 को शुरू किया गया था. इस योजना का शुभारंभ भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा किया गया है. इस योजना के तहत किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने की योजना है.

PM Swamitva Yojana

गांव में ऐसी बहुत सारी जमीनें होती है. जिनका सरकार के पास कोई भी पुख्ता सबूत नहीं होता है. बहुत सारे लोग गांव में अभी भी जमीन पर खेती कर रहे है. तथा उसे अपना समझते है लेकिन किसानों के पास भी अपनी जमीन को अपना साबित करने के लिए कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है.ऐसे में यही योजना उन लोगों को अपनी जमीन का मालिक बनाने के लिए प्रयासरत है. प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत केंद्र सरकार गांव में रहने वाले किसानों की जमीन का डाटा तैयार कर रही है. जो आगे जाकर के किसानों को उनका हक दिलाने में मददगार साबित होगी.

PM Swamitva Yojana

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना एक ऐसी योजना है. जिससे गांव में रहने वाले किसान भाइयों के लिए शुरू किया गया है. गांव में ऐसे बहुत सारे किसान भाई है जिनके पास जमीन तो है, लेकिन वह उन जमीनों पर अपना मालिकाना हक साबित नहीं कर सकते है, क्योंकि मालिकाना हक साबित करने के लिए जमीन के कागज होने चाहिए, जो कि किसानों के पास उपलब्ध नहीं है. लेकिन सरकार के द्वारा इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए ही PM Swamitva Yojana को शुरू किया गया है. सरकारी अधिकारियों के द्वारा गांव गांव में जाकर के ऐसे जमीनों की सूची तैयार की जा रही है,जो किसानों के पास मौजूद तो है लेकिन उनके पास उसका मालिकाना हक साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है. सरकार किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह योजना चला रही है.

इस योजना की खास बात यह है कि PM Swamitva Yojana के तहत गांव में रहने वाले लोगों को जमीन पर अपना मालिकाना हक साबित करने के लिए किसी भी तरीके के कोई भी आवेदन की जरूरत नहीं है. बल्कि सरकार खुद गांवों में जाकर उनकी मैपिंग करेगी तथा सर्वे के तहत काम करेगी. जिससे किसानों को उनकी प्रॉपर्टी कार्ड भी प्राप्त हो पाएगी.

क्यों है यह दस्तावेज महत्वपूर्ण.

भविष्य में आने वाली किसी भी कानूनी समस्या से बचने के लिए संबंधित व्यक्ति के पास उसके जमीनी कागजात होने बहुत ही आवश्यक है. सरकार के द्वारा यह साफ किया गया है कि जिन लोगों के पास उनकी जमीन से जुड़े कागजात है. उन्हें मैपिंग के समय सिर्फ उन कागजात की फोटोकॉपी कराने की जरूरत है. इस योजना के तहत जो लोग अपने जमीनी कागजात संभाल कर रखेंगे और मैपिंग के समय जमा करा देंगे. उन्हें सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा.

PM Swamitva Yojana की योजना की खास बात.

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की खास बात यह है,कि गांव के प्रत्येक जमीन का एक ऑनलाइन डाटा तैयार किया जा रहा है.इस ऑनलाइन डाटा का फायदा यह है कि कभी भी किसी की भी जमीन का ब्यौरा यदि आपको चाहिए, तो आपको सिर्फ सरकार की ऑफिशल वेबसाइट को खंगालना होगा. ऐसे में किसानों को एक फायदा यह भी होगा कि कोई भी साहूकार उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा नहीं कर पाएगा, तथा किसी भी सरकारी अधिकारी के द्वारा किसानों की जमीन को लेकर के भ्रष्टाचार करने की भी संभावना खत्म हो जाएगी जब ऑनलाइन मैपिंग और सर्वे का काम पूरा हो जाएगा, तो गांव वालों को अपनी जमीन से जुड़ी सभी जानकारियां ऑनलाइन प्राप्त हो जाएंगी.

कब और कैसे शुरू हुई प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना.

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा एक नई ई ग्राम स्वराज पोर्टल से शुरू हुई है. इस पोर्टल पर ग्राम समाज से जुड़ी सभी समस्याओं की जानकारियां मिलती रहेंगे इसी पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी भूमि से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां प्राप्त कर पाएंगे.पंचायत राज मंत्रालय ने इस ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरूआत पिछले साल ही की थी.

स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड.

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जमीन के मालिकों को PM Swamitva Yojana के तहत उनका संपत्ति कार्ड वितरित करने की भी घोषणा की गई है. इस योजना के तहत देश में लगभग एक लाख प्रॉपर्टी धारकों को मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से एक लिंक भेजा जाएगा. जिसके द्वारा लोग अपने स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड को डाउनलोड कर पाएंगे 11 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हरियाणा के 221, उत्तर प्रदेश के 346 ,महाराष्ट्र के 100 ,मध्य प्रदेश के 44 ,और उत्तराखंड के 50 तथा कर्नाटक के 2 गांव के नागरिकों की आबादी को उनकी जमीन के मालिकाना हक के कागज सौंपने जा रहे है.

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