रूस यूक्रेन विवाद का कारण क्या है { पूरी जानकारी }

यूक्रेन रूस न्यूज़ | यूक्रेन रूस न्यूज़ इन हिंदी | यूक्रेन रूस कनफ्लिक्ट | रूस यूक्रेन वॉर | रूस यूक्रेन संघर्ष | यूक्रेन वस रूस | यूक्रेन रूस अमेरिका | रूस और यूक्रेन का विवाद | Ukraine Russia Vivad kya hai | Ukraine Russia Vivad ka karan | Ukraine Russia Vivad in hindi

रूस यूक्रेन विवाद: रूस और यूक्रेन के बीच का विवाद लगातार नया रूप ले रहा है. दोनों देश अपना अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अपनी सैन्य ताकतों का प्रदर्शन और इस्तेमाल कर रहे हैं. दोनों देशों के विभिन्न शहरों में गुरुवार रात से ही बमबारी हो रही है. दोनों देशों के नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए यहा वहां भागना पड़ रहा है. बड़ी संख्या में सैनिक और आम नागरिक अभी तक इस जंग में अपनी जान गंवा चुके हैं

रूस यूक्रेन विवाद का कारण क्या है (Russia Ukraine Vivad Ka Karan Kya Hai)

रूस यूक्रेन विवाद का कारण क्या है (Russia Ukraine Vivad Ka Karan Kya Hai)

लेकिन रूस या यूक्रेन के तेवर देख ऐसा लग रहा है कि दोनों देशों में से कोई भी युद्ध विराम के लिए तैयार नहीं है. इसी बीच विश्व के विभिन्न क्षेत्रों से युद्ध को रोकने के लिए लगातार गुहारें लगायी जा रहीं हैं. लेकिन शायद रूस या यूक्रेन को सेहत पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है. रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में यूक्रेन द्वारा अपने आम नागरिकों को भी बंदूक उठा जंग का हिस्सा बनने के लिए आदेश दे दिया गया है. वही यूक्रेन की बड़ी उम्मीद NATO देश भी हैं, जो यूक्रेन के लिए ढाल बन कर खड़े हो सकते हैं और रूस को मुँहतोड़ जवाब दे सकते हैं. लेकिन ऐसे करने से दुनिया में तीसरे विश्व युद्व THIRD WORLD WAR होने की उम्मीदें भी बड़ जाएंगी. लेकिन इन्हीं सब बातों के बीच यह जानना भी काफी जरूरी है कि रूस और यूक्रेन विवाद क्या है और इस विवाद के पीछे की वजह क्या है. हमारे इस लेख में आपको इन्हीं सवालों का जवाब मिलेगा जिससे आप जान सकेंगे कि आखिर रूस और यूक्रेन के बीच किस बात का विवाद है जिसने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. 

रूस यूक्रेन विवाद का कारण क्या है 

काफी लंबे समय से पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हुई थी कि क्या रूस के द्वारा यूक्रेन पर हमला किया जाएगा या नहीं. इसी बीच कई दौर की शांति बैठकों और वार्ताओं के बीच यह अटकलें लगाई जा रही थी कि रूस अब यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा. लेकिन गुरुवार को रूस द्वारा अचानक से यूक्रेन पर हमला करने से पूरा विश्व सकते में आ गया. रूस द्वारा लड़ाकू विमानों के द्वारा यूक्रेन की राजधानी के आसपास भी काफी बम गिराए गए. जवाब में रूस के कई विमानों को यूक्रेन ने नेस्तनाबूद कर दिया. साथ ही कई सैनिक अभी तक इस जंग के मैदान में अपनी जान गंवा चुके हैं और कई को prisoner of War भी बना लिया गया है. हर बीतते लम्हे के साथ रूस और यूक्रेन के बीच विवाद की तीव्रता और अधिक होती जा रही है लेकिन इससे पहले यह जानते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच विवाद क्यूँ उत्पन्न हुया है. 

रूस और यूक्रेन के विवाद को मुख्य वजह 

Soviet Union के ज़माने में कभी दोस्त रहें रूस और यूक्रेन आज एक दूसरे के दुश्मन हो रखें हैं. अगर बात करें यूक्रेन की सीमा की तो यूक्रेन की पश्चिम की सीमा यूरोप से और पूर्व की सीमा रूस से जुड़ी हुई है. सन्न 1991 तक यूक्रेन सोवियत संघ Soviet Union का हिस्सा हुया करता था. 1991 में सोवियत संघ से अलग होने के बाद से ही यूक्रेन और रूस के बीच क्रीमिया को लेकर विवाद चल रहा है. 

रूस और यूक्रेन का विवाद

रूस और यूक्रेन विवाद नवंबर 2013 से शुरू हुआ जब यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच जिन्हें रूस का समर्थन था, उनका यूक्रेन की राजधानी कीव में विरोध शुरू हुआ. इस विरोध की वजह से विक्टर को फरवरी 2014 में देश छोड़ कर भागना पड़ा था. विक्टर का विरोध अमेरिका-ब्रिटेन समर्थित प्रदर्शनकारियों के द्वारा किया जा रहा था. विक्टर के खिलाफ हो रहे विरोध का विरोध रूस द्वारा किया गया. अपना विरोध प्रकट करने के लिए रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया पर अपना कब्ज़ा कर इस वहां के अलगाववादियों को अपना समर्थन दिया. रूस समर्थित इन अलगाववादियों ने पूर्वी यूक्रेन के एक बड़े हिस्से को अपने कब्ज़े में ले लिया. इसकी वजह से इन अलगाववादियों और यूक्रेन की सेना के बीच 2014 से  संघर्ष चल रहा था.

रूस और यूक्रेन विवाद का निपटारा 

2014 में शुरू हुए रूस और यूक्रेन विवाद को कम करने के लिए और इन देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए western countries यानी पश्चिमी देशों के द्वारा पहल की गई. इस पहल के तहत फ्रांस और जर्मनी ने रूस और यूक्रेन के बीच वर्ष 2015 में बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में शांति व संघर्ष विराम का समझौता कराया. 

सोवियत संघ से निपटने के लिए 1949 में NATO नाटो की स्थापना की गई. लेकिन यूक्रेन और नाटो की दोस्ती रूस को पसंद नहीं आयी. NATO के तहत अगर कोई देश किसी तीसरे देश पर हमला करता है तो नाटो के सभी सदस्य देश एक साथ आकर उस देश का सामना करते हैं. और इसी वजह से रूस अभी तक यूक्रेन पर हमला करने से पीछे हट रहा था. लेकिन अंत में रूस ने NATO की परवाह ना करते हुए गुरुवार को यूक्रेन पर हमला कर दिया. रूस और यूक्रेन विवाद के बीच अब देखना यह है कि क्या NATO और यूरोप के बाकी देश यूक्रेन की सहायता ले लिए जंग के मैदान में उतरेंगे या नहीं. 

Leave a Comment