UP Mathrubhumi Yojana: चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा ऐलान, लांच की बेहतरीन स्कीम, ग्रामीणों को होगा सीधा लाभ

UP Mathrubhumi Yojana: चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा सीएम योगी द्वारा दी गई ग्रामीणों को बेहतर योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने कराई है. मातृभूमि योजना जानिए आम जनता को इससे क्या फायदा होगा.

UP Mathrubhumi Yojana

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में बसे बाहरी लोगों के विकास के लिए कुछ करने की योजना बनाई है.उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि जो लोग अपने राज्य को छोड़कर दूसरे राज्यों में बस गए है. यदि वह अपने राज्य के कुछ करना चाहते है, तो उन्हें up mathrubhumi yojana के तहत आवेदन करना चाहे हम आपको बता दें, कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है ,और जल्द ही इस योजना को लागू करने की तैयारी की जा रही है.

UP Mathrubhumi Yojana

उत्तर प्रदेश के बहुत सारे निवासी रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों या विदेशों में चले जाते है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए जन सहभागिता को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है. पंचायती राज विभाग की ओर से मातृभूमि योजना शुरू की जा रही है. योजना के तहत जो लोग बाहर से आकर अपने गांव में रहने लगते है. और सुख सुविधा से संपन्न हो जाते है. उन्हें भी अब अपने गांव के विकास में योगदान देना चाहिए. बुधवार को मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना पर चर्चा हुई थी जिसे बाद में मंजूरी दे दी गई.

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना को पास करने के लिए भेज दिया गया है. इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति या समूह अपने गांव में नाली खड़ंजा बिजली पानी सड़क विद्यालय आदि के विकास कार्यों पर खर्च कर सकता है. यानी कि यदि आप बाहर से पैसा कमा कर आए है, और आप इस पैसे का इस्तेमाल अपने इलाके के विकास के लिए खर्च करना चाहते है, तो आप इसमें पूर्ण रूप से सहयोग कर सकते है. इसके अलावा विकास कार्यों में खर्च की जाने वाली राशि का 40% हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा दिया जाएगा. हम आपको बता दें कि इसमें गांव के विकास की संभावना होने की प्रतिशतता बहुत अधिक है.

 क्या है उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना

 up mathrubhumi yojana के तहत यदि कोई निजी संस्था या वे लोग जो अपने गांव को छोड़कर बाहर कमाने के लिए चले गए थे. लेकिन अब वापस आ गए है, उन्हें अपने गांव में कोई विकास कार्य करना है, या करवाना है. तो इसके लिए वह स्वयं के पैसे खर्च कर सकते है इस खर्च में 40% सहयोग उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा दिया जाएगा. इस योजना के तहत अधिनियम 1947 लागू किया गया है.

उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना सोसायटी का गठन.

हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा एक सोसाइटी का भी गठन किया जाएगा जो गांव के विकास कार्यों से जुड़े मामलों की देखभाल करेंगी. सोसाइटी को 100 करोड़ रुपए की धनराशि राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी. इस राशि का इस्तेमाल यदि नहीं होता है, तो इस राशि को वापस राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा.

फाउंडेशन स्टोन की स्थापना.

हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मातृभूमि योजना शुरू की जा रही है. इस योजना को बाहर से आने वाले लोग जो प्रदेश के निवासी है. अपने गांव के विकास के लिए खर्च करना चाहते है, तो सरकार इसमें भी उनका सहयोग करेगी इस योजना के तहत जिन लोगों ने या समूह ने इस विकास कार्य के लिए खर्च किया था. उनका नाम तथा उनके द्वारा किया गया कार्य शिलालेख पर खुदवा कर लगवाया जाएगा. ताकि उक्त क्षेत्र के लोगों को याद रहे कि यह काम उस व्यक्ति के द्वारा करवाया गया था, अथवा गांव में जो सुविधा उपलब्ध हुई है,इसके पीछे किसका हाथ था.

हिंदू बंगाली परिवारों का होगा पुनर्वास.

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1970 मेंपूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए 63 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास की भी स्वीकृति प्रदान कर दी है. हम आपको बता दें, कि इस योजना के तहत कानपुर देहात जनपद की रसूलाबाद तहसील के भैसा या गांव में पुनर्वास विभाग के नाम पर उपलब्ध भूमि पर इन परिवारों को बचाया जाएगा. इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश सरकार के अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के लिए आयोडाइज्ड नमक दाल साबुत चना सरसों तेल रिफाइंड तेल और भी बहुत सारी खाने की चीजों को वितरण संबंधी निर्णय लिया है.

वकीलों को भी कल्याण निधि से मिलेंगे ₹500000 रुपए

उत्तर प्रदेश की कैबिनेट ने संकल्प पत्र 2017 में की गई घोषणा को भी पूरा करने का निश्चय किया है.हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति में पंजीकृत 5000 से भी अधिक वकीलों को 30 वर्ष पूरा करने पर सरकार की तरफ से 1.50 लाख रुपए से ₹500000 देने की घोषणा की गई है. सरकार ने उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम 1974 की धारा 13 में संशोधन करने के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है.

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