Zycov D Vaccine Needle Free: अब बिना सुई के लगेगी वैक्सीन, 12 साल के बच्चे भी शामिल

Zycov D Vaccine Needle Free कई कंपनियों ने एक साथ कोविड-19 की वैक्सीन बाजार में उतारी है. लेकिन अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन होने की वजह से इनके कीमतों में असमानता रही है. इसका मुख्य कारण यह है कि से बहुत कम समय में बनाया गया है,और इसकी मांग बहुत अधिक है. इसीलिए कुछ कंपनियां अपने मनमाने दरों पर इन व्यक्तियों को बेच रही है. भारत सरकार के द्वारा Zydus Cadila कंपनी से लगातार बातचीत चल रही थी.

सरकार यह मांग कर रही थी कि इस समय देश की अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है, तथा लॉकडाउन की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई है. ऐसे में लोगों को यदि महंगी वैक्सीन बेची जाएगी तो लोग इसे खरीदने में सक्षम नहीं रहेंगे तथा देश पर लगातार कोविड-19 का खतरा बना रहेगा.भारत सरकार की यह बात Zydus Cadila ने  मान ली है. और उसने भारत सरकार से यह वादा किया है. कि वह प्रति खुराक ₹265 तक अपने वैक्सीन की कीमतों को कम कर लेगी.

वैक्सीन की दरों में किया गया बदलाव.

सूत्रों के अनुसार यह पता चला है. कि कोविड-19 की प्रति खुराक के लिए 93  रुपए की कीमत वाले एक डिस्पोजेबल zyco-d एप्लीकेटर की आवश्यकता होती है. जिससे जाए कोविड-19 अंतिम कीमत ₹358 प्रति रोज हो जाती है. खबर में यह भी बताया गया कि अभी भारत सरकार और Zydus Cadila कंपनी की बातचीत चल रही है,और अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है. यहां पर महत्वपूर्ण बात यह है. कि अहमदाबाद की एक फार्मा कंपनी ने Zydus Cadila को कथित तौर पर तीन खुराक वाले दवाई के लिए उन्हें 1900 की कीमत का प्रस्ताव दिया था.

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हम आपको बता दें कि सरकार के द्वारा बार-बार निवेदन करने की वजह से कंपनी ने प्रत्येक खुराक के लिए ₹358 कम कर दिए है. अभी इस निर्णय का अंतिम रिजल्ट आना बाकी है. यह घटनाक्रम पीटीआई के सूत्रों के हवाले से बताया गया है.

क्या कहती है सरकारी रिपोर्ट.

भारत सरकार के रिपोर्ट के अनुसार भारत में अभी भी टीकाकरण चल रहा है. और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सिफारिशों का इंतजार हो रहा है. ताकि शहर उन्नता वाले वयस्कों और बच्चों के टीकाकरण अभियान के तहत Zydus Cadila कंपनी की वैक्सीन को मंजूरी दी जा सके. एनडीएजीएसटी के को कोविड-19 प्रतिरक्षण अभियान में शामिल करने के लिए प्रोटोकॉल और रूपरेखा तैयार करने का भी इंतजार कर रहा है.

zyoc – d  का संक्षेप में विवरण

यह दवाई तीन खुराक ओं में आती है. जिसे 28 दिनों के अंतराल पर दिया जाता है. Zydus Cadila दुनिया की पहली डीएनए आधारित सुई मुक्त वैक्सीन है. इसे 20 अगस्त को दवा नियामक से आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्राप्त हुआ था हम आपको बता दें कि यह दवाई 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाया गया है. कोविड-19 को वैक्सीन और उसने भी जैसे pk2 खुराक में केवल 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को ही दिए जा रहे है.

zyoc-d  दूसरी दवाइयों से कैसे अलग है

यह दवाई कंपनी के अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार डीएनए वैक्सीन है. जिसमें डीएनए पर आधारित एक छोटा गोलाकार बैक्टीरिया बनाया गया है. यह बैक्टीरिया प्रतिकृति की अपनी संपत्ति के साथ डीएनए वायरस के अनुवांशिक कोर्ट को अपने में समा लेता है. इसके बाद यह शरीर में एक विशेष प्रकार की प्रोटीन बनाने और एंटीबॉडी विकसित करने में भी मदद करता है. यह दवाई तीन खुराक वाला एक टीका है. जिसे 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को 28 दिनों के अंतराल पर इंजेक्ट किया जाएगा इस टीके का निर्माण भी Zydus Cadila  कंपनी के द्वारा राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के सहयोग से किया जा रहा है.

क्या है सरकार की योजना वैक्सीन को लेकर.

सरकार ने पहले चरण में 30000 स्वस्थ वयस्क स्वयंसेवकों पर वैज्ञानिक परीक्षण के तीनों चरणों को आयोजित किया है,और यह पाया है,कि यह वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित सहनशील और प्रतिरक्षी है. पहले चरण के परिणाम में 1000 स्वयंसेवकों पर परीक्षण किया गया और टीके को सुरक्षित पाया गया है. इसमें यह भी देखा गया है,कि वैक्सीन लेने वाले स्वयंसेवकों की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हुई है. इस वैक्सीन को 60 से अधिक साइटों पर परीक्षण किया गया है. जल्द ही सरकार कंपनी से बातचीत करके इस वैक्सीन को बाजार में बच्चों के लिए उपलब्ध कराने वाली है. हालांकि अभी कंपनी और सरकार के बीच में कुछ मतभेद चल रहे है. लेकिन आयुष मान विभाग का मानना है. कि जल्द ही इस सभी मतभेदों को सुलझा लिया जाएगा और ऐसा फैसला किया जाएगा जो सभी के लिए हितकारी होगा.

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