Seva Bhoj Yojana: जानें क्या है सेवा भोज योजना, किसे मिलेगा इसका लाभ

Seva Bhoj Yojana: केंद्र सरकार की ओर से ‘सेवा भोज योजना’ (Seva Bhoj Yojana) नाम की एक योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत लंगर में दिए जाने वाले खाने को बनाने में प्रयोग होने वाली सामग्रियों पर लगने वाले जीएसटी (GST) के पैसों को सरकार वापस देगी। सरकार की इस योजना से उन लोगों पर खर्चे का बोझ कम होगा जो चैरिटेबल रिलीजियस इंस्टीटूशन्स द्वारा लोगों को मुफ्त भोजन मुहैया कराते हैं।

Seva Bhoj Yojana

Seva Bhoj Yojana

क्या है ‘सेवा भोज योजना’

जैसा कि केंद्र सरकार का आदेश है, देश में गुड एंड सर्विस टैक्स (GST) लागू हो चुका है। आपको बता दें कि ये टैक्स अब चैरिटेबल रिलीजियस इंस्टीटूशन्स जैसी की मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद, चर्च आदि पर भी लागू होता। जहां पर जरूरतमन्दों को मुफ्त भोजन दिया जाता है। इस टैक्स से जो चैरिटेबल रिलीजियस इंस्टीटूशन्स लोगों को खाना खिलाते थे, उनके ऊपर जीएसटी के चलते काफी आर्थिक बोझ पड़ने लगा था। इसी के चलते सरकार ने ‘सेवा भोज योजना’ का लोकार्पण किया है। जिसमें सरकार चैरिटेबल रिलीजियस इंस्टीटूशन्स की चीजों पर लगने वाले जीएसटी टैक्स (GST) के पैसों को वापस लौटाने की गारंटी देती है।

जानिए कब शुरू हुई योजना

बता दें कि ये योजना केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई है और इसे इनफार्मेशन मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर से 1 जून 2021 को मंजूरी दी गई थी। मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर के मुताबिक सेंट्रल गवर्नमेंट, हमारे देश के चैरिटेबल रिलीजियस इंस्टीटूशन्स द्वारा भरे गए सीजीएसटी (CGST) और आईजीएसटी (IGST) टैक्स के पैसों को वापस कर देगी।

क्या है सेवा भोज योजना 2021 का उद्देश्य

सेवा भोज योजना के तहत परोपकारी धार्मिक संस्थाओं द्वारा अनिर्मित खाद्य वस्तुओं पर लगने वाले केंद्रीय वस्तु और सेवाकर (सीजीएसटी) व एकीकृत वस्तु और सेवाकर (आईजीएसटी) वापस कर दिया जायेगा।

जानिए क्या है सेवा भोज योजना 2021 की पात्रता व शर्तें

इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता/अनुदान के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं को पहले कम से कम 5 वर्षों तक मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद, गिरिजाघर, धार्मिक संसथान, मठ जैसे धार्मिक परोपकारी संस्था के रूप सें रिकॉर्ड होना चाहिए और दूसरी तरफ संस्था ने महीने में कम से कम 5000 लोगों को निःशुल्क भोजन करवाया हो। ऐसा करने पर आयकर की धारा 10 (23 बीबीए) के तहत आने वाले संस्थान या सोसायटी पंजीकरण अधिनियम (1860 ) के तहत सोसाइटी के रूप में रजिस्टर संस्थान या किसी भी संसेथआन को अधिनियम के तहत वैधानिक रूप से रजिस्टर्ड धार्मिक संस्था के बनने के समय लागू कानूनों के तहत लोक कल्याण के तौर पर या आयकर अधिनियम की धारा एए के तहत पंजीकृत संस्थान इस योजना के तहत अनुदान के पात्र माना जाएगा।

क्या है योजना का बजट

आपको बता दें कि ‘सेवा भोज योजना’ से जुड़े हुए नोटिफिकेशन के अनुसार सेंट्रल गवर्मेंट ने इस योजना के लिए 325 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया है। जानकारी मिली है कि ये बजट वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए तैयार किया गया है।

सेवा भोज योजना 2021 में कैसे करें खुद को रजिस्टर

  1. सेवा भोज योजना के अंतर्गत किसी भी धार्मिक संस्थान का नोमिनेशन केवल एक ही बार हो सकता है
  2. इसके लिए सबसे पहले धार्मिक संस्थानों को नीति आयोग के दर्पण पोर्टल http://csms.nic.in/login/sevabhoj.php पर रजिस्टर करना होगा
  3. इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी पात्र संस्थानों का दर्पण पोर्टल http://csms.nic.in/login/sevabhoj.php पर रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है
  4. समिति की सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय के सक्षम पदाधिकारी ऊपर बताया गए विशेष सामग्रियों पर सीजीएसटी और आइजीएसटी से छूट मिलती है

Leave a Comment